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'हम खुद नहीं गुजर सकते तो दूसरों के लिए होर्मुज से गुजरना असंभव', ईरानी संसद के स्पीकर गालिबाफ ने दी ट्रंप को धमकी

 Published : Apr 19, 2026 03:47 pm IST,  Updated : Apr 19, 2026 03:47 pm IST

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ईरान द्वारा दोबारा बंद कर दिया गया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद गालिबाफ ने कहा कि होर्मुज से किसी को भी गुजरना असंभव है। "जब हम नहीं तो कोई नहीं"

एमबी गालिबाफ, ईरानी संसद के स्पीकर। - India TV Hindi
एमबी गालिबाफ, ईरानी संसद के स्पीकर। Image Source : AP

Iran US War: ईरान-अमेरिका के बीच होर्मुज को लेकर फिर से तनाव बढ़ गया है। ट्रंप की बयानबाजी के चलते ईरान ने दोबारा होर्मुज को बंद कर दिया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद गालिबाफ ने कहा कि अगर 'हम होर्मुज से खुद नहीं गुजर सकते तो दूसरों के लिए गुजरना असंभव' है। ईरान ने अपनी प्रतिज्ञा को और मजबूत करते हुए कहा है कि जब तक अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई नाकेबंदी नहीं हटा लेता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर पाबंदी लागू रहेगी। 

3 दिन बाद खत्म हो जाएगा सीजफायर

ईरान और अमेरिका के बीच लागू सीजफायर 3 दिन बाद यानी 22 अप्रैल को खत्म हो जाएगा। इसके बाद दोनों देशों में फिर से जंग छिड़ने की आशंका बढ़ गई है। क्योंकि अभी तक दूसरे दौर की वार्ता की कोई तारीख नहीं तय हुई है और इसके आसार भी बहुत कम नजर आ रहे हैं। गालिबाफ़ ने एक टेलीविजन साक्षात्कार में कहा कि तेहरान महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को लगातार धमकी देता रहेगा। शनिवार को ईरान ने गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों पर गोलीबारी भी की थी। “जब हम खुद नहीं गुजर सकते, तो दूसरों के लिए हार्मुज जलडमरूमध्य से गुजरना असंभव है।” ईरान की नौसेना ने जहाजों को चेतावनी दी है कि वे इस जलडमरूमध्य से न गुजरें। यह जलडमरूमध्य विश्व के लगभग पांचवें हिस्से के तेल का सामान्य परिवहन मार्ग है। 

अमेरिका ने ईरान को दिया नया प्रस्ताव

ईरान ने शनिवार को कहा कि उसे अमेरिका से नए प्रस्ताव मिले हैं और पाकिस्तानी मध्यस्थ दूसरे दौर की प्रत्यक्ष बातचीत का इंतजाम करने में लगे हैं। ईरान के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना शायद उसका सबसे शक्तिशाली हथियार है। इससे विश्व अर्थव्यवस्था को खतरा है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। दूसरी ओर, अमेरिका के लिए यह नाकेबंदी ईरान की पहले से कमजोर अर्थव्यवस्था को और दबाव में डाल रही है तथा सरकार को लंबे समय तक नकदी प्रवाह से वंचित कर रही है। 

'मेरे लिए शहादत से बड़ी कोई सफलता नहीं'

गालिबाफ ने कहा, "शहादत के सिवा मेरे लिए कोई सफलता नहीं; मैं लोगों को उनके अधिकार दिलाने के लिए अपनी जान और शोहरत दोनों कुर्बान करने को तैयार हूं।" गालिबाफ ने चेतावनी दी है कि अमेरिका अगर अड़ियल रहा तो ईरान भी उसकी शर्तों के आगे झुकना को तैयार नहीं है। 

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